Sunday , 26 February 2017
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Great Quotes in Hindi by Swami Ram Dev | Motivational Inspirational Thoughts, Messages

Great Quotes in Hindi by Swami Ram Dev Images, Wallpapers, Photos, Pictures
Swami Ram Dev

 “मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्यदेवो भव, अतिथिदेवो भव” की संस्कृति अपनाओ! -स्वामी रामदेव

 अतीत को कभी विस्म्रत न करो, अतीत का बोध हमें गलतियों से बचाता है। -स्वामी रामदेव

 यदि बचपन व माँ की कोख की याद रहे तो हम कभी भी माँ-बाप के क्रतघ्न नहीं हो सकते। अपमान की ऊचाईयाँ छूने के बाद भी अतीत की याद व्यक्ति के जमीन से पैर नहीं उखडने देती। -स्वामी रामदेव

 सुख बाहर से नहीं भीतर से आता है। -स्वामी रामदेव

 भगवान सदा हमें हमारी क्षमता, पात्रता व श्रम से अधिक ही प्रदान करते हैं। -स्वामी रामदेव

 हम मात्र प्रवचन से नहीं अपितु आचरण से परिवर्तन करने की संस्कृति में विश्वास रखते हैं।

-स्वामी रामदेव

 विचारवान व संस्कारवान ही अमीर व महान है तथा विचारहीन ही कंगाल व दरिद्र है।

-स्वामी रामदेव

 भीड में खोया हुआ इंसान खोज लिया जाता है परन्तु विचारों की भीड के बीहड में भटकते हुए इंसान का पूरा जीवन अंधकारमय हो जाता है।

-स्वामी रामदेव

 बुढापा आयु नहीं, विचारों का परिणाम है।

-स्वामी रामदेव

 विचार शहादत, कुर्बानी, शक्ति, शौर्य, साहस व स्वाभिमान है। विचार आग व तूफान है साथ ही शान्ति व सन्तुष्टी का पैगाम है।

-स्वामी रामदेव

 पवित्र विचार-प्रवाह ही जीवन है तथा विचार-प्रवाह का विघटन ही मत्यु है।

-स्वामी रामदेव

 विचारों की अपवित्रता ही हिंसा, अपराध, क्रूरता, शोषण, अन्याय, अधर्म और भ्रष्टाचार का कारण है।

-स्वामी रामदेव

 विचारों की पवित्रता ही नैतिकता है।

-स्वामी रामदेव

 विचार ही सम्पूर्ण खुशियों का आधार है।

-स्वामी रामदेव

 सदविचार ही सद्व्यवहार का मूल है।

-स्वामी रामदेव

 विचारों का ही परिणाम है-हमारा सम्पूर्ण जीवन। विचार ही बीज है, जीवनरुपी इस व्रक्ष का।

-स्वामी रामदेव

 विचारशीलता ही मनुष्यता, और विचारहीनता ही पशुता है।

-स्वामी रामदेव

 पवित्र विचार प्रवाह ही मधुर व प्रभावशाली वाणी का मूल स्त्रोत है।

-स्वामी रामदेव

 अपवित्र विचारों से एक व्यक्ति को चरित्रहीन बनाया जा सकता है, तो शुध्द सात्विक एवं पवित्र विचारों से उसे संस्कारवान भी बनाया जा सकता है।

-स्वामी रामदेव

 हमारे सुख-दुःख का कारण दूसरे व्यक्ति या परिस्थितियाँ नहीं अपितु हमारे अच्छे या बूरे विचार होते हैं।

-स्वामी रामदेव

 वैचारिक दरिद्रता ही देश के दुःख, अभाव पीडा व अवनति का कारण है।

-स्वामी रामदेव

 वैचारिक द्रढता ही देश की सुख-सम्रध्दि व विकास का मूल मंत्र है।

-स्वामी रामदेव

 हमारा जीना व दुनियाँ से जाना ही गौरवपूर्ण होने चाहिए।

-स्वामी रामदेव

 आरोग्य हमारा जन्म सिध्द अधिकार है।

-स्वामी रामदेव

 उत्कर्ष के साथ संघर्ष न छोडो!

-स्वामी रामदेव

 बिना सेवा के चित्त शुध्दि नहीं होती और चित्तशुध्दि के बिना परमात्मतत्व की अनुभूति नहीं होती।

-स्वामी रामदेव

 आहार से मनुष्य का स्वभाव और प्रक्रति तय होती शाकाहार से स्वभाव शांत रहता मांसाहार मनुष्य को उग्र बनाता है।

-स्वामी रामदेव

 जहाँ मैं और मेरा जुड जाता है वहाँ ममता, प्रेम, करुणा एवं समर्पण होते हैं।

-स्वामी रामदेव

 “न” के लिए अनुमति नहीं है।

-स्वामी रामदेव

 स्वधर्म में अवस्थित रहकर स्वकर्म से परमात्मा की पूजा करते हुए तुम्हें समाधि व सिध्दि मिलेगी।

-स्वामी रामदेव

 प्रेम, वासना नहीं उपासना है। वासना का उत्कर्ष प्रेम की हत्या है, प्रेम समर्पण एवं विश्वास की परकाष्ठा है।

-स्वामी रामदेव

 माता-पिता का बच्चों के प्रति, आचार्य का शिष्यों के प्रति, राष्ट्रभक्त का मातृभूमि के प्रति ही सच्चा प्रेम है।

-स्वामी रामदेव

 साधूनां दर्शनं पुण्यं, “तिर्थभूता हि साधव:” देह के भीतर देही को देखो?

-स्वामी रामदेव


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