Sunday , 14 October 2018
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Tag Archives: Stories in Hindi

Inspirational Real Life Story in Hindi – Motivational Hindi Stories for Life

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत मनुष्य के जीवन में पल-पल परिस्थितीयाँ बदलती रहती है। जीवन में सफलता-असफलता, हानि-लाभ, जय-पराजय के अवसर मौसम के समान है, कभी कुछ स्थिर नहीं रहता। जिस तरह ‘इंद्रधनुष के बनने के लिये बारिश और धूप दोनों की जरूरत होती है उसी तरह एक पूर्ण व्यक्ति बनने के लिए हमें भी जीवन के खट्टे-मीठे …

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Hindi Short Motivational Story – Prernadayak Hindi Kahani

एक भिखारी भीख मांगने निकला। उसका सोचना था कि जो कुछ भी मिल जाए, उस पर अधिकार कर लेना चाहिए। एक दिन वह राजपथ पर बढ़ा जा रहा था। एक घर से उसे कुछ अनाज मिला। वह आगे बढ़ा और मुख्य मार्ग पर आ गया। अचानक उसने देखा कि नगर का राजा रथ पर सवार होकर उस ओर आ रहा …

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Two Friends Story in Hindi | Inspirational Stories

एक बार दो मित्र साथ-साथ एक रेगिस्तान में चले जा रहे थे । रास्ते में दोनों में कुछ तू-तू ,मैं – मैं हो गई। बहसबाजी में बात इतनी बढ़ गई की उनमे से एक मित्र ने दूसरे के गाल  पर जोर से थप्पड़ जमा दिया। जिस मित्र को थप्पड़ पड़ा उसे दुःख तो बहुत हुआ किंतु उसने कुछ नहीं कहा …

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एक लड़की और गुड़िया – Heart Touching Story in Hindi, Inpirational Stories

मैं एक दुकान में खरीददारी कर रहा था, तभी मैंने उस दुकान के कैशियर को एक 5-6 साल की लड़की से बात करते हुए देखा | कैशियर बोला :~ “माफ़ करना बेटी, लेकिन इस गुड़िया को खरीदने के लिए तुम्हारे पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं|” फिर उस छोटी सी  लड़की ने मेरी ओर मुड़ कर मुझसे पूछा:~ “अंकल, क्या आपको …

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15 Steps to Successful in Life in Hindi Language – Success Quotes

आप आज में भरोसा रखिये अपने पिछले failures से सीखे हुए अनुभव का लाभ उठाये सिर्फ करने की कोशिश मत करिए बल्कि कर डालिए ! अपने सपनो को लिखिए और ज़रूर लिखिए क्योंकि जब आप किसी विषय पर लिखते हैं अपना फोकस बड़ा पाते हो अपना  एक Actionable Plan बनिए दुसरे के अपनी तरफ आये Negative comments का स्वागत करिए और  अपने …

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हाथ कर्म करने के लिए हैं | Inspirational Stories in Hindi Language

एक साधु था| वह नदी के किनारे कुटिया बनाकर रहता था, सांसारिक बंधनों को  तिलांजलि देकर वह एकाग्र भाव से ईश्वराधना में डूबा रहता था| एक दिन अकस्मात् उसके मन में विचार आया कि जब भगवान सबका नियंता (पालनकर्ता) है तो आदमी को कर्म क्यों करना चाहिए| वैसे भी आदमी के कोई काम करने पर उसके अंदर कर्त्तापन का अहंकार …

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