Thursday , 18 May 2017
Home » Kabir Das Quotes

Kabir Das Quotes

Kabir Das Ke Dohe With Meaning in Hindi, Dohas of Sant Kabir

कबीर आप ठगे सुख उपजत है और ठगे दुःख होत है। कबीर साब कहते है ए मेरे सतसंगी भाई बहन अगर तू ठगा गया तो तू फायदे में है पर अगर तूने किसीको ठगा तो तुझे परमार्थ में नुकसान होगा। आइये देखे कैसे? अगर आपको किसीने ठगा तो आपको कोई परमार्थी नुकसान नहीं होगा पर सत्संगी किसीको ठगता है तो …

Read More »

Kabir ke Dohe in Hindi | Sant Kabir Das Dohe with Meaning

अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप, अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप। अर्थ : न तो अधिक बोलना अच्छा है, न ही जरूरत से ज्यादा चुप रहना ही ठीक है. जैसे बहुत अधिक वर्षा भी अच्छी नहीं और बहुत अधिक धूप भी अच्छी नहीं है. — निंदक नियरे राखिए, ऑंगन कुटी छवाय, बिन पानी, …

Read More »

Kabir Dohe in Hindi, English | Kabir Das Dohe in Hindi with meaning English

Kabir Dohe in Hindi with Meaning in English कवि: कबीर Poet: Kabir Translation गुरु गोबिन्द दोउ खडे काके लागूँ पाँय बलिहारी गुरु आपने गोबिन्द दियो बताय Guru gobind dou khade, kaake lagoon paay Balihari guru aapne gobind diyo batay Guru and God both are here to whom should I first bow All glory be unto the guru path to God …

Read More »

Kabir Das Ke Dohe in Hindi with Meaning | Sant Kabir Das Quotes, Sayings

1. बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय। अर्थ : जब मैं इस संसार में बुराई खोजने चला तो मुझे कोई बुरा न मिला. जब मैंने अपने मन में झाँक कर देखा तो पाया कि मुझसे बुरा कोई नहीं है. 2. पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय,  ढाई आखर …

Read More »